प्रभावशीलता

जस अगुवेपर लोग वास करतेह

उद्देश्य

इस प्रशिक्षण का उद्देश्य यह सिखाना हैकि एक विश्वसनीय अगुवा कै सेबना जाए। लोग उसी अगुवेका अनुसरण करतेहैंजिस पर वेभरोसा करतेहैं — और यह भरोसा के वल शब्दों सेनहीं, बल्कि चरित्र, निरंतरता, और कर्तव्यों की निष्ठा सेबनता है। यीशुनेविश्वास के साथ नेतृत्व करनेका एक उत्तम उदाहरण रखा — उनके जीवन, उनके निर्णयों और उनके व्यवहार नेलोगों को आश्वस्त किया कि वेउनके पीछेचल सकतेहैं।

सारांश

  • प्रभावी नेतृत्व की नींव है: विश्वास
  • लोग उस अगुवेपर विश्वास करतेहैंजो:​​​​​​​
    • भरोसेमंद हो
    • चरित्र मेंसच्चा हो
    • लगातार वही कार्यकरता हो जो वह कहता है
    • अपनेशब्दों और कार्यों मेंसामंजस्य रखता है
  • विश्वास बनानेके तीन स्तंभ:
    1. ईमानदारी: निजी और सार्वजनिक जीवन मेंएक समानता
    2. सुसंगतता: लगातार और स्थिर व्यवहार
    3. करुणा: दूसरों की परवाह करना और उनके साथ खड़ा होना

विश्वास एक बार मेंनहीं बनता — यह समय, सत्य, और सेवा सेबनता है जब लोग आप पर विश्वास करतेहैं, तो वेआपके पीछेचलनेमेंआत्मविश्वास महसूस करतेहै

अध्ययन केलिए प्रश्न

  1. आप किन-किन तरीकों सेअपनी सेवकाई मेंईमानदारी और सुसंगतता को बढ़ावा देतेहैं?
  2. क्या ऐसेक्षेत्र हैंजहाँआपका व्यवहार आपके संदेश सेमेल नहीं खाता? उन्हेंकै सेसुधारा जा सकता है?
  3. जिन लोगों का आप नेतृत्व करतेहैं, उनके प्रति आपकी करुणा और परवाह कै सेप्रकट होती है?
  4. विश्वास निर्माण के लिए आप अपनेजीवन मेंक्या नियमित अभ्यास शामिल कर सकतेहैं?

संदर्भित बाइबल वचन

नीतिवचन 11:3 

भजन संहिता 78:72 

1 तीमुथियुस 3:1-7 

1 कुरिन्थियों 4:2

अधिक अध्ययन केलिए वचन पद

1 तीमुथियुस 4:12-16 

2 कुरिन्थियों 8:21 

तीतुस 2:7-8

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