कलीसिया

परमेश्वर अपनी कलीसया कैसेबनाता ह

उद्देश्य

कलीसिया को कौन बना रहा है — आप या परमेश्वर? इस प्रशिक्षण मेंहम सीखेंगेकि हम कै सेपरमेश्वर की कलीसिया को सही रूप मेंबना सकतेहैं:

  • यीशुसेव्यक्तिगत प्रकाशन प्राप्त करके
  • उसके द्वारा दिए गए अधिकार मेंचलकर
  • और स्वर्गके राज्य की चाबियों तक पहुँच बनाकर ताकि हम परमेश्वर की सामर्थको पृथ्वी पर ला सकें।

इन तीन पहलुओ ं को समझकर, हम उसकी कलीसिया के निर्माण मेंप्रभावी ढंग सेभाग लेसकतेहैंऔर अपने आसपास की दुनिया पर प्रभाव डाल सकतेहैं।

सारांश

  • परमेश्वर अपनी कलीसिया लोगों के माध्यम सेबनाता है। (1 पतरस 2:5)
  • यीशुनेपतरस को जो आमंत्रण दिया, वह उसकी कलीसिया को बनानेका तरीका दर्शाता है। (मत्ती 16:16)
    • प्रकाशन: यीशुमसीह को मसीहा के रूप मेंव्यक्तिगत रूप सेपहचानना।
    • अधिकार: यीशुद्वारा दिया गया अधिकार प्राप्त करना और शत्रुपर जय पाना।
    • पहुँच: स्वर्गके राज्य की चाबियों का उपयोग करना ताकि स्वर्गको पृथ्वी पर लाया जा सके ।
  • भलेसामरी की दृष्टांत हमेंयह सिखाती हैकि हम कै सेस्वर्गके राज्य तक पहुँच बना सकतेहैं:
    • देखना: लोगों को परमेश्वर की दृष्टि सेदेखना और उनकी ज़रूरतों को पहचानना।
    • मदद करना: व्यावहारिक तरीकों सेउनकी आवश्यकताओ ंको पूरा करना, कलीसिया के संसाधनों का उपयोग करके ।
    • लौटना: इसेएक जीवनशैली बनाना, न कि के वल एक बार की सेवा।
  • मसीह मेंहमारी पहचान, उसकी कलीसिया को बनानेके लिए हमारेबुलावेको आकार देती है।

 

अध्ययन केलिए प्रश्न

  1. आप यीशुद्वारा दिए गए अधिकार को कै सेसमझतेहैंऔर प्रतिदिन उसमेंकै सेचलतेहैं?
  2. क्या आपनेकभी ऐसा "दूसरा परिवर्तन" अनुभव किया हैजहाँआपनेदूसरों की ज़रूरतों के माध्यम सेयीशु को देखा और सेवा के लिए बुलाहट महसूस की? यदि हाँ, तो इसनेआपकी सेवकाई को कै सेप्रभावित किया?
  3. आप कै सेव्यावहारिक रूप सेउस अधिकार मेंचल सकतेहैंजो यीशुनेआपको शत्रुपर जय पानेके लिए दिया है?
  4. परमेश्वर की दृष्टि सेसंसार को देखनेके कु छ विशेष उदाहरण क्या हैं, जिनके कारण आप और अधिक प्रभावी रूप सेदूसरों सेप्रेम और सेवा कर सके हैं?

अधिक अध्ययन केलिए वचन पद

लूका 10:25-37

मत्ती 25:31-40

संदर्भित बाइबल वचन

1 पतरस 2:5

मत्ती 16:16

1 पतरस 5:8

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