सामर्थ्य से भरपूर
सेवक अधिकार
उद्देश्य
इस प्रशिक्षण मेंहम यह सीखतेहैंकि नेतृत्व का असली स्वरूप सेवा करना है। हम यीशुके उदाहरण को देखतेहैं, जिन्होंनेधोनेकेपात्र केसाथ सेवा की, न कि तलवार के साथ प्रभुत्व किया। सेवक आगुवेवेहोतेहैंजो दूसरों की भलाई को प्राथमिकता देतेहैं, जिनमेंआत्मिक नम्रता होती है, और जो दूसरों को ऊपर उठानेके लिए अपनेअधिकार का उपयोग करतेहैं। सेवक अधिकार, प्रभुके अधिकार का उपयोग करके लोगों की सेवा करना और उनका निर्माण करना है — न कि नियंत्रण करना।
सारांश
- सेवक नेतृत्व यीशुके नम्र उदाहरण पर आधारित है
- प्रभुत्व की तलवार नहीं, सेवा का कटोरा थामा गया (यूहन्ना 13)
- सेवक अधिकार का अर्थहै:
- परमेश्वर के नाम मेंअधिकार मेंचलना
- शक्ति का उपयोग दूसरों की सेवा के लिए करना
- नियंत्रण नहीं, सशक्तिकरण
- अधिकार नियंत्रण के लिए नहीं, बल्कि सेवा और निर्माण के लिए है
- सेवक आगुआ दूसरों की प्रभावशीलता को बढ़ानेके लिए निर्णय लेतेहैं
- नम्रता, सेवा, और परमेश्वर पर निर्भरता सेसच्चा आत्मिक अधिकार आता है
अध्ययन केलिए प्रश्न
- क्या आपके नेतृत्व मेंसेवा और नम्रता का स्वरूप स्पष्ट रूप सेप्रकट होता है?
- आपनेकब अपनेनेतृत्व मेंतलवार (नियंत्रण) के स्थान पर कटोरा (सेवा) को अपनाया?
- आपनेप्रभुसेजो अधिकार प्राप्त किया है, उसेआप दूसरों की सेवा और उनके विकास के लिए कै सेप्रयोग कर सकतेहैं?
- आप कै सेदूसरों को प्रभुमेंनेतृत्व के लिए सशक्त बना सकतेहैं?
संदर्भित बाइबल वचन
यूहन्ना 13:1-17
मत्ती 20:25-28
2 कुरिन्थियों 10:8
1 पतरस 5:2-3
अधिक अध्ययन केलिए वचन पद
मत्ती 23:1-12
1 पतरस 5:1-4
फिलिप्पियों 2:5-11