विश्वास
विश्वास को उठाना ऊँचा
उद्देश्य
यह प्रशिक्षण यह सिखाता हैकि कै सेअगुवा परमेश्वर मेंऊँ चा विश्वास रखकर न के वल अपनेजीवन में, बल्कि दूसरों के जीवन मेंभी बदलाव ला सकतेहैं। विश्वास के वल एक भावना नहीं है — यह एक सक्रिय प्रत्युत्तर हैपरमेश्वर के चरित्र, वचन, और बुलाहट पर।
सारांश
- विश्वास के बिना परमेश्वर को प्रसन्न करना असंभव है
- यीशुनेअपनेशिष्यों सेबार-बार पूछा: "तुम्हारा विश्वास कहाँहै?"
- आत्मिक अगुवों को चाहिए कि वे:
- विश्वास मेंस्थिर रहें
- दूसरों को विश्वास मेंप्रोत्साहित करें
- डर और शक सेऊपर उठें
- उच्च विश्वास का नेतृत्व:
- परमेश्वर की संभावनाओ को देखता है, न कि मनुष्य की सीमाओ को
- प्रार्थना और प्रेरणा सेकार्यकरता है
- दूसरों मेंभी विश्वास जाग्रत करता है
- यह नेतृत्व लोगों को उनके बुलाहट की ओर खींचता है
- उच्च विश्वास का मतलब हैपरमेश्वर की दृष्टि सेचीज़ों को देखना, न कि के वल अपनी समझ स
अध्ययन केलिए प्रश्न
- अभी आपके जीवन या सेवकाई मेंविश्वास को ऊँ चा उठानेके लिए परमेश्वर आपको किस क्षेत्र मेंबुला रहा है?
- आप किन तरीकों सेदूसरों को विश्वास मेंप्रोत्साहित कर सकतेहैं?
- क्या कोई ऐसा क्षेत्र हैजहाँडर आपके विश्वास सेअधिक प्रभावशाली रहा है?
- आप अपनेजीवन मेंपरमेश्वर की बड़ी योजनाओ ंको विश्वास की नजर सेकै सेदेख सकतेहैं?
संदर्भित बाइबल वचन
इब्रानियों 11:6
मत्ती 8:10
मत्ती 14:31
रोमियों 10:17
अधिक अध्ययन केलिए वचन पद
यशायाह 26:3-4
2 तीमुथियुस 1:7
मत्ती 17:20