मतभेद

कठन बातचीत

उद्देश्य

यह प्रशिक्षण सेवकाई नेतृत्व मेंकठिन बातचीत के महत्व पर केंद्रित है। हालाँकि येबातचीत कठिन होती हैं, फिर भी येव्यक्तिगत और सेवकाई दल दोनों की आत्मिक वृद्धि और परिपक्वता के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। इस सत्र मेंपाँच प्रकार की कठिन बातचीत पर चर्चा की गई है, जिनके लिए नेताओ ं को तैयार रहना चाहिए:

  1. परिवर्तन की बातचीत
  2. चरित्र  की बातचीत
  3. समस्या समाधान  की बातचीत
  4. स्वीकारोक्ति  की बातचीत
  5. तत्काल सुधार 

जब येबातचीत सत्य और प्रेम के साथ की जाती हैं, तो वेसेवकाई के वातावरण को स्वस्थ और समृद्ध बना सकती हैं।

सारांश

  • कठिन बातचीत का महत्व

  • पाँच प्रकार की कठिन बातचीत:

    • परिवर्तन सेजुड़ी बातचीत

    • चरित्र सेसंबंधित बातचीत

    • समस्याओंके समाधान की बातचीत

    • स्वीकारोक्ति की बातचीत

    • तत्काल सुधार के लिए बातचीत

  • आगुवाओ ंभी कठिन बातचीत की आवश्यकता होती है

अध्ययन केलिए प्रश्न

  1. इन पाँच प्रकार की कठिन बातचीत मेंसेआपके लिए सबसेकठिन कौन-सी हैऔर क्यों?
  2. आपकी स्वयं की ज़िंदगी के कौन-सेक्षेत्रों मेंआपको सुधार की आवश्यकता हैताकि आप इन वार्तालापों को और अधिक प्रभावी ढंग सेकर सकें?
  3. आप अपनी सेवकाई मेंऐसा कै सा वातावरण बना सकतेहैंजहाँकठिन बातचीत को विकास का अवसर माना जाए?

संदर्भित बाइबल वचन

इफिसियों 4:15

अधिक अध्ययन केलिए वचन पद

मत्ती 18:15-17 

गलातियों 6:1-2 

याकू ब 5:16 

नीतिवचन 27:6

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स्टडी गाइड
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